सोनळ राजस्‍थान रो एक सोनळ गांव। 'भाड़ंग' नांव सूं ओळखांण।
हाल तारानगर (रिणी), चूरू रै इलाकै मांय।
700 ईस्‍वी रै लगैटगै रो पुराणो इतियास।
नुंवै रूप सूं फेरूं बस्‍यूं।
हाल कैयो जा सकै कै भाड़ंग गांव, गांवां जिस्‍यो गांव।
आओ निरखां, परखां।
---------

राजस्‍थान के चूरू जिले की तारानगर तहसील।
तारानगर तहसील का एक छोटा-सा गांव :- भाड़ंग।
मेरी तरह के हजारों लोगों की जन्‍म-स्‍थली। जहां का कोई भी नागरिक आज तक देश-राज्‍य के नक्‍शें में खास नहीं बना, मगर फिर भी न जानें क्‍यों खास है - भाड़ंग। खास लेखा-जोखा भी नहीं। बस है तो सुनहरा इतिहास। फिर भी हिम्‍मत के साथ आए हैं हम बताने अपने गांव की खूबियां, जानेंगे आप ?

स्‍वागत है आपका।




-

गढ़ गुलाबसिंह राजवी

बीकानेर स्‍टेट रै बगत गांव रा भोक्‍ता राजवी गुलाबसिंह अर दौलतसिंह दो भाई हा। वै गांव रो सगळो लगान एकठ करता। नियम-कायदा बणावता अर बीकानेर राज रा हुक्‍म बजावंता। एक भांत एक सईकै रो इतियास इणां गढ़ां सूं बण्‍यो। कीं दब्‍यो तो कीं चवड़ै हुयो।
गुलाबसिंह बडा भाई तो दौलतसिंह उर्फ दौलजी छोटा। दोवूं रै गांव आधो-आधो पट्टै।
घणा किस्‍सा अर कहाणी है अठै सूं सरू हुयोड़ा।
गुलाबसिंह रै भैंरूसिंह हुया अर दौलतसिंह रै सार्दुलसिंह अर गोविंदसिंह हुया।


No comments:

Post a Comment