सोनळ राजस्‍थान रो एक सोनळ गांव। 'भाड़ंग' नांव सूं ओळखांण।
हाल तारानगर (रिणी), चूरू रै इलाकै मांय।
700 ईस्‍वी रै लगैटगै रो पुराणो इतियास।
नुंवै रूप सूं फेरूं बस्‍यूं।
हाल कैयो जा सकै कै भाड़ंग गांव, गांवां जिस्‍यो गांव।
आओ निरखां, परखां।
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राजस्‍थान के चूरू जिले की तारानगर तहसील।
तारानगर तहसील का एक छोटा-सा गांव :- भाड़ंग।
मेरी तरह के हजारों लोगों की जन्‍म-स्‍थली। जहां का कोई भी नागरिक आज तक देश-राज्‍य के नक्‍शें में खास नहीं बना, मगर फिर भी न जानें क्‍यों खास है - भाड़ंग। खास लेखा-जोखा भी नहीं। बस है तो सुनहरा इतिहास। फिर भी हिम्‍मत के साथ आए हैं हम बताने अपने गांव की खूबियां, जानेंगे आप ?

स्‍वागत है आपका।




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नुंवी बस्‍ती भाड़ंग

पुराणै भाड़ंगाबाद सूं कोस एक आथूणी-दिखणादी कूंट मांय आबाद है आज रो भाड़ंग। बडेरा बतावै कै इण बस्‍ती मांय सैंग सूं पैला महरावणसर (चूरू) सूं उठ'र एक सहारण कड़ूम्‍बो अठै बस्‍यो। इण रै लगोलग ई एक जोशी परिवार आयो अर पछै एक हरिजन परिवार। इण पछै मेळूसर (चूरू) सूं दूजो सहारण परिवार आय'र बस्‍यो। ओ विगसाव पीढ़ी-दर-पीढ़ी होंवतो गयो।

महरावणसर सूं आयै सहारणां मांय मामराज, सुरजाराम, ईसरराम, भूराराम, तेजाराम आद हुया। इण ईज एल मांय रूघाराम, मनफूलराम, काशीराम, लालचंद-राजेराम, श्रीराम, बीरबलराम, नत्‍थूराम आद हुया।

मेळूसर सूं आया सहारणां मांय बेगाराम, नेतराम आद हुया। आगै चाल'र मघाराम, देवाराम, श्‍योकरण, बगड़ावत, परसाराम, अमीलाल, दयालसिंह आद हुया।

जोशी कड़ूंम्‍बै मांय किशनाराम, तेजाराम, गणपतराम आद हुया। किशनाराम रै आशाराम, लिछमीनारायण, चेतराम अर तेजाराम रै मालूराम, पूर्णाराम हुया। गणपतराम रै आदूबाई हुयी, वांरो लाडको सोहनलाल जाजड़ा भाड़ंग ई बस्‍यो।
पाण्डिया परिवार ई अठै बस्‍यो। तेजाराम पांडिया रै कुंदनमल अर आगै गौरीशंकर, हरिकिशन, गजानंद, मदनलाल हुया। सोहनलाल रो कड़ूम्‍बो ई हुयो। परसाराम, जगदीश, भींवाराम, च्‍यानणमल आद रो परिवार ई अठै हुयो।


सहारणां रै अठै बींझाराम गोदारा परणीज्‍योड़ा। वै भाड़ंग बस्‍या अर आगै हीराराम, श्‍योजीराम, मूलाराम, मुकनाराम, नौरंगराम, हुम्‍माराम अर मघाराम नांव रा बेटा हुया। हीराराम रै लिछमणराम, चेतराम, लाभूराम आद हुया। मुकनाराम रै रामेश्‍वरलाल हुया।

किशनाराम गोदारा रो भाणेज गोपाल दूत कड़ूम्‍बो है, वीं मांय नरसाराम, लिछमणराम, भैराराम, आदूराम दूत आद हैं।
नाथ परिवार ई अठै रा वासिंदा बण्‍या।

एक कडूंम्‍बो पोटळिया जाटां रो बसतो। बीमारी सूं वै रैया नीं। उणां रै घर माथै फोगां (सरदारशहर) सूं राजवी राजपूत आय'र बस्‍या। एक भाई दूजी ठौड़ बस्‍यो। आगै चाल'र इणां रै गुलाबसिंह राजवी अर दौलतसिंह राजवी हुया। वै बीकानेर राज्‍य रै गंगासिंह-सार्दुलसिंह रै बगत गांव रा ठाकुर हा। एक भांत राजा।
इणां रै कडूंम्‍बै मांय आगै गजराजसिंह, रणवीरसिंह, संतोषसिंह, कल्‍याणसिंह, प्रभुसिंह, इंद्रसिंह राजवी हुया।

भादरा सूं कांधल कडूंम्‍बो आयो। मानजी, देवजी, माधोसिंह इण री परम्‍परा चाली। आगै भंवरसिंह, बिसालसिंह, दुर्जनसिंह आद कांधल ठाकर हुया।

भाटी राजपूतां रो कडूंम्‍बो अठै आय'र बस्‍यो। बिड़दसिंह, जूहारसिंह, रावतसिंह, सुगनसिंह, भूरसिंह आद आगै भाटी परिवार मांय हुया।

वठै ई कुम्‍हार जाति रा कीं परिवार आया। आगै चाल'र वां मांय थानाराम, भारूराम, रेखाराम, गोपालाराम, चंद्राराम, हरखाराम, जग्‍गूराम, मल्‍लूराम, टीकूराम आद हुया। चेतराम, किशनाराम, भींवाराम, आदूराम, नरसाराम, श्रीराम, दीपाराम अर गंगाराम नानवाल इणां रो ई विस्‍तार है।

चंद्राराम नानवाल रा भाणेज ज्ञानीराम अर उदमीराम सिरसवा अठै ई बस्‍या। वैठ इण नानवाल परिवार रा भाणेज भानीराम बागोरिया हुया अर इणां रा लाडका चतरूराम अर देवाराम बागोरिया अठै ई बस्‍या। इणां मांय प्रतापसिंह, हीराराम अर शीशराम बागोरिया आगै हुया।

हरिजन परिवार रो विस्‍तार राजूराम, मल्‍लूराम सूं हुयो। पेमाराम, सुरजाराम, तुलछाराम, मनीराम आद आगै हुया। इणां री कीं परिवार और आया।

एक पूनिया परिवार ई अठै हुयो। जिण रा शिखर पुरख कुंभाराम पूनिया क्रांतिकारी अर देशभक्‍त हा। तिरंगो झंडो फहरावण रै कारणै अठै रै राजवी परिवार वांनै गांव निकाळो दियो अर वै कनलै गांव बनियाला जाय'र बस्‍या। आगै चाल'र वै सरपंच ई बण्‍या।
एक जाखड़ परिवार री ई अठै बसत हुयी। आगै चाल'र वै साहवा बस्‍या।

गांव हुवै वठै विस्‍तार तो हुवै ई। बाबरी अर सांसी परिवार ई भाड़ंग मांय बस्‍या।

सहारणां रै घर-जंवाई रूप मांय लादूराम कस्‍वां आया। आं रा भाई ख्‍यालीराम ई साथै बस्‍या।

कुम्‍हार परिवार मांय राजेरा, कारगवाल परिवार री ई बसत हुयी।

इण भांत ओ गांव आखै गांवां जिस्‍यो गांव बणग्‍यो।
आज 400 सूं बेसी घरां री बस्‍ती है।

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1 comment:

  1. भाई दुलाराम सहारण '' ईश्‍वर से सदैव आपके अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य, यश, मान् व श्री से भरपूर दिर्घायु जीवन की कामनाऍं '' आपका प्रयास सराहनीय है, आने वाली पिढीयों को अपने अतीत के जानने मे सहायता मिलेगी । आपके उज्‍जवल भविष्‍य की कामनाऍं । सदैव आप ही का भाई बनवारी सहारण ग्राम- डूंगरसिंहपुरा पोस्‍ट-गणेशगढ तहसील व जिला श्रीगंगानगर राज.

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